➤ 125 वर्षों में मार्च की 56वीं सबसे ज्यादा बारिश, हिमाचल में 93.6 मिमी वर्षा दर्ज
➤ सामान्य से 17 फीसदी कम बारिश के बावजूद कई जिलों में सक्रिय रहा मौसम
➤ अगले छह दिन बारिश-बर्फबारी, कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी
शिमला: हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष मार्च महीने ने मौसम के कई रंग दिखाए। मौसम विभाग की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में मार्च 2026 के दौरान 93.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो वर्ष 1901 के बाद से 125 वर्षों में 56वीं सबसे ज्यादा मार्च वर्षा रही। विभाग के अनुसार यह आंकड़ा सामान्य औसत 113.4 मिमी से करीब 17 फीसदी कम है, लेकिन इसके बावजूद कई जिलों में बारिश, ओलावृष्टि, कोहरा, लू और ठंड जैसे मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिले।
मौसम विभाग के रिकॉर्ड के मुताबिक मार्च 2026 में प्रदेश के अधिकांश दिनों में मौसम गतिविधियां कमजोर रहीं, जबकि पांच दिनों तक पश्चिमी विक्षोभ के असर से मौसम सामान्य से सक्रिय रहा। वर्ष 1948 में मार्च के महीने में अब तक की सबसे ज्यादा 382 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जो अब भी रिकॉर्ड पर कायम है।
जिलावार आंकड़ों में ऊना, बिलासपुर, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज की गई। वहीं कांगड़ा, कुल्लू और हमीरपुर में बारिश सामान्य रही, जबकि चंबा, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में सामान्य से कम वर्षा रिकॉर्ड की गई। मार्च के दौरान मंडी जिले में तीन दिनों तक घना कोहरा छाया रहा। 16 और 20 मार्च को कई जिलों में कड़ाके की ठंड और कोल्ड डे जैसी स्थिति भी बनी रही, जबकि मंडी, सोलन, कुल्लू और कांगड़ा में कई दिनों तक लू के हालात भी देखे गए।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने अगले छह दिनों के लिए भी मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार 3, 4 और 8 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना है। वहीं 5, 6 और 7 अप्रैल को भी कई स्थानों पर बारिश और बर्फबारी के आसार बने हुए हैं।
विभाग ने 3 से 6 अप्रैल तक कई जिलों में अंधड़ का येलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में 3 और 4 अप्रैल को ओलावृष्टि और तेज अंधड़ को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। आने वाले दिनों में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बागवानी और पर्यटन दोनों क्षेत्रों पर असर डाल सकता है।



